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इंदिरा पुरम की पुलिस का एक ठिकाना , नहीं इसका कोई ठौर -ठिकाना

इंदिरा पुरम की पुलिस का एक ठिकाना , नहीं इसका कोई ठौर -ठिकाना

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गाजियाबाद । इंदिरा पुरम की पुलिस का एक ठिकाना , जाने कहाँ है ? नहीं इसका कोई ठौर ठिकाना। क्या फोटो देखने के बाद आपको लगेगा कि यह पुलिस का स्थाई दफ्तर है। दफ्तर पर दिन में पुलिस तो नहीं मिली। मिला तो सिर्फ दरवाजे के साथ लगा नाम की पट्टी , जिस पर कुछ पुलिस अफसरों के नाम लिखे थे। इतना ही नहीं दफ्तर पर बन रही थी चाय।

पुलिस का कोई अता पता नहीं था। जानने के बाद सिर्फ इतना पता चला की पुलिसकर्मी रात के समय जरूर बैठे मिल जाएंगे। लेकिन एक बड़ा सवाल की यदि दिन के समय स्थानीय लोगो की कोई शिकायत हो तो कौन और कहाँ पर सुनवाई करेगा । होगी भी या नहीं कुछ नहीं कहा जा सकता।

मजेदार बात यह है कि पत्रकार के फोटो क्लिक करने के तरुंत बाद चाय की दुकान चलाने वाले ने बताया की साहब पुलिस वाले अभी गए है। वो रात के आलावा दिन में भी यहाँ चक्कर लगाते रहते है। लेकिन एक बात दीगर है पुलिस का दफ्तर यहाँ पर चले या न चले लेकिन चाय की दुकान बदसूरत चल रही है। 
आप को बता दे की पुलिस की यह चौकी ऐसी जगह बनी हुई है जहां से अपराधियो का इंदिरा पुरम में अनजाना आम बात है। ये अपराधी वारदात को बड़ी आसानी से अंजाम देकर आसानी से भाग जाते है और पुलिस के हाथ खाली रह जाते। 
क्या पुलिस के आलाअफसर भी ऐसे मामलो में संज्ञान लेंगे। क्या पुलिस कर्मियों का इस दफ्तर में निरंतर मिलना सुनिश्चित करेंगे। तभी स्थानीय जनता को इसका फ़ायदा होगा और अपराधी भी ख़बरदार हो जाएगा।

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